
शिमला। जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन बुधवार को कालीबाड़ी हॉल में किया गया। निर्णायक मंडल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आगाज सीबीडीएस ग्रुप के कलाकारों ने ‘सबसे बड़ा रुपइया’ नाटक के मंचन से किया। नाटक की कहानी एक गरीब परिवार की है, जिनका बेटा बचपन में खो जाता है। गलती से वही बेटा उनके घर आ जाता है और परिवार के सभी सदस्य पैसे के लालच में अपने ही बेटे को मार देते हैं। नाटक में पिता पुत्र को चाकू घोंपकर मार डालता है। नाटक में धर्मेंद्र रावत, प्रभात शर्मा, रविकांत, भारती, रंजना, कमलकांत और धर्मेंद्र ठाकुर ने अभिनय किया। कार्यक्रम में विकास, विनय और गगनदीप ने सितार वादन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
इसके बाद एक और नाटक ‘आह मैं, वाह मैं’ नाटक का मंचन भी किया गया। नाटक में एक युवक की कहानी को दर्शाया गया जो हकलाता है और लोग उसका मजाक बनाते हैं। समाज के लिए वह केवल एक हास्य का पात्र है। नाटक के अंत में जिंदगी की उलझनोें को सुलझाकर वह अपनी मंजिल पा लेता है। नाटक में संगीत और नृत्य भी किया गया। मुख्य किरदारों में बहादुर सिंह, उमेंद्र, अभिषेक, सुमित, हेमा, अंकिता, निकिता, प्रशांत, गिरीश और नवनीत ने अभिनय किया। अंत में कृष्ण लाल शर्मा ने बांसुरी वादन कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम के संयोजक प्रेम शर्मा ने बताया कि वीरवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोकगीत और लोक नृत्य होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अवसर प्रदान कर उनकी प्रतिभा को निखारना है ।
उल्लेखनीय है कि शिमला के गगनदीप हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संगीत में पीएचडी के छात्र हैं। गगनदीप भुवनेश्वर और केरल में प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। रामपुर के विकास और समरहिल के विनय धर्मशाला, सोलन और आरकेएमवी में प्रस्तुति देकर पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।
